“मीठे बच्चे – पुरुषार्थ कर सर्वगुण सम्पन्न बनना है, दैवीगुण धारण करने हैं, देखना है मेरे में अब तक क्या-क्या अवगुण हैं, हम आत्म-अभिमानी कहाँ तक बने हैं।”

HINDI  LANGUAGE This knowledge  comes to you   from The Brahma Kumaris World Spiritual University (Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya or BKWSU, Mount Abu, India. You can also visit:   www.brahmakumaris.org,   for  more Spiritual knowledge of the soul, Supreme Soul and the World Drama. World Drama  is  play of the souls and the Supreme Soul. The …

ब्राह्मण बनने के बाद भी वैल्युबुल जीवन बनने का आधार क्या है?

08/11/17 प्रात:मुरली ओम् शान्ति “बापदादा” मधुबन ”मीठे बच्चे – तुम्हारा धन्धा है सबका भला करना, पहले अपना भला करो फिर दूसरों का भला करने के लिए सेवा करो” प्रश्न: ब्राह्मण बनने के बाद भी वैल्युबुल जीवन बनने का आधार क्या है? उत्तर: वाचा और कर्मणा सेवा। जो वाचा या कर्मणा …

What is the main basis of transforming a bhogi life (a life of sensual pleasures) into a yogi life?

07/11/17 Morning Murli Om Shanti BapDada Madhuban Sweet children, the Purifier Father has come to purify you and give you your inheritance of the pure world. Only those who become pure will receive salvation. Question: What is the main basis of transforming a bhogi life (a life of sensual pleasures) …

सृष्टि की वानप्रस्थ अवस्था कब से शुरू होती है और क्यों?

06/11/17 प्रात:मुरली ओम् शान्ति “बापदादा” मधुबन “मीठे बच्चे – तुमने जीते जी बेहद के बाप की गोद ली है, उनकी सन्तान बने हो तो श्रीमत पर जरूर चलना है, हर डायरेक्शन अमल में लाना है” प्रश्न: सृष्टि की वानप्रस्थ अवस्था कब से शुरू होती है और क्यों? उत्तर: जब शिवबाबा …

“दिलाराम बाप का दिलरूबा बच्चों से मिलन”

05/11/17 प्रात:मुरली ओम् शान्ति ”अव्यक्त बापदादा” रिवाइज-24/02/83 मधुबन “दिलाराम बाप का दिलरूबा बच्चों से मिलन” आज विशेष मिलन मनाने के लिए सदा उमंग-उल्लास में रहने वाले बच्चों से मिलने के लिए आये हैं। दिन रात यही संकल्प रहता है कि मिलन मनाना है। आकार रूप में भी मिलन मनाते फिर …

किस एक बात के कारण बाप को इतनी बड़ी नॉलेज देनी पड़ती है?

01/11/17 प्रात:मुरली ओम् शान्ति “बापदादा” मधुबन “मीठे बच्चे – श्रीमत पर चल स्वच्छ शुद्ध बन धारणा कर फिर युक्तियुक्त सेवा करनी है, अहंकार में नहीं आना है, शुद्ध घमण्ड में रहना है” प्रश्न: किस एक बात के कारण बाप को इतनी बड़ी नॉलेज देनी पड़ती है? उत्तर: गीता के रचयिता …