Which One thing you have to be  very cautious about while living with your family

14/12/17 Morning Murli Om Shanti BapDada Madhuban Sweet children, you have received the third eye of knowledge and you have become trikaldarshi, but you cannot be given those ornaments at this time because you are effort-makers. Question: While living at home with your family you definitely have to do things, …

गृहस्थ में रहते कर्म अवश्य करना है लेकिन किस एक बात की सम्भाल जरूर रखनी है?

14/12/17 प्रात:मुरली ओम् शान्ति “बापदादा” मधुबन “मीठे बच्चे – तुम्हें ज्ञान का तीसरा नेत्र मिला है, तुम त्रिकालदर्शी बने हो लेकिन यह अलंकार अभी तुम्हें नहीं दे सकते क्योंकि तुम पुरुषार्थी हो” प्रश्न: गृहस्थ में रहते कर्म अवश्य करना है लेकिन किस एक बात की सम्भाल जरूर रखनी है? उत्तर: …

भगवान को ढूँढने के लिए मनुष्य दर-दर धक्के क्यों खाते हैं – कारण?

Note: These Godly versions  are meant  for   the  children of  God  who have taken  foundation courses, others  are  also welcome  to read  but  they may  not  understand  the  mysticism,definitely not,  because  even those  who  have undergone  sessions  on spirituality here, have  so many,so many questions, indeed. ClaRITY COMES TO  THEM AFTER …

What is the reason why people wander from door to door searching for God?

Note: These Godly versions  are meant  for   the  children of  God  who have taken  foundation courses, others  are  also welcome  to read  but  they may  not  understand  the  mysticism,definitely not,  because  even those  who  have undergone  sessions  on spirituality here, have  so many,so many questions, indeed. ClaRITY COMES TO  THEM …

देह-अंहकार छोड़ देही-अभिमानी बनो, अपने कल्याण के लिए याद का चार्ट नोट करो

12/12/17 प्रात:मुरली ओम् शान्ति “बापदादा” मधुबन “मीठे बच्चे – देह-अंहकार छोड़ देही-अभिमानी बनो, अपने कल्याण के लिए याद का चार्ट नोट करो, खास याद में बैठो, याद से ही विकर्म विनाश होंगे” प्रश्न: बाप ने तुम बच्चों को पहला-पहला कायदा कौन सा सुनाया है? उत्तर: पहला कायदा है – सब …

तुम बच्चों को किस बात में मूर्छित नहीं होना है, खुशी में रहना है?

30/11/17 प्रात:मुरली ओम् शान्ति “बापदादा” मधुबन “मीठे बच्चे – एक दो को दु:ख देना घोस्ट का काम है, तुम्हें किसी को भी दु:ख नहीं देना है। रामराज्य में यह घोस्ट (रावण) होता नहीं” प्रश्न: तुम बच्चों को किस बात में मूर्छित नहीं होना है, खुशी में रहना है? उत्तर: कोई …